सब लोग चले गए थे अर्जुन अब नीलू को लाने की तैयारियां करने लगे
अब वो मौसी के घर नीलू को लेने पहुंच गए थे एक महीना बीत चुका था नीलू की खबर भी नहीं मिली थी
और ना ही उन दोनों की खबर लेने की किसी ने सोच ली थी
अब अर्जुन जब अचानक मौसी के यहां गए तो देखा कि उनकी बेटी जयश्री जमीन में घूम रहीं थीं घुटनों के बल खिसक रहीं थीं
वो बिल्कुल छोटी सी गुड़िया थी तभी अर्जुन उसे ध्यान से देखने लगे और उसे अपनी गोद मे उठाना चाहा लेकिन वो अर्जुन को नहीं पहचान सकीं और जोर से रोने लगी उसके रोने की अवाज सुनकर नीलू कमरे से निकली और जय श्रीं की तरफ भागी तो देखा कि अर्जुन वहां खड़े हुए थे
क्रमशः

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