विरोध करना सीखो
विरोध मौन होना चाहिए
ऐसा विरोध जो किसी को नुकसान पहुंचाने का काम ना करे
अपना हक जो भी है वह किसी को नहीं देना चाहिए
अपने बारे मे भी सोचना चाहिए
अपनी खुशी के लिए कुछ करना चाहिए
सिर्फ दूसरों की खुशी के लिए अपनी खुशी को बर्बाद नहीं करना चाहिए
नीरस होकर क्या जीवन जीता है कोई
अपनी मेहनत अपने संस्कार अपने कर्म हमारे साथ है
जो किस्मत का होगा नहीं जाएगा
और जो कुछ किस्मत मे नहीं होगा वो हमारे रोकने पर भी नहीं रुकेगा
अपनी सोंच को बदलना होगा
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