anupama shukla
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लोग कितना कष्ट काटने के बाद निखरते है
ये मेरी बुआ है जो हमारी कॉलोनी में हम लोगो की पड़ोसी थी बहुत सीधी साधी सरल ,पढ़ी लिखी भी… Read More
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वादा निभाने का समय होता है तब कुछ लोग बत्तीसी दिखा देते है
कई लोगो को मैने देखा है की वो लंबी लंबी बात करते है ,की हम ये कर देंगे वो कर… Read More
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शादी का असली मतलब 35
इतना कहकर रूपा की सास रूपा से कहती है बेटी मुझे माफ कर , तू मेरी पसंद है ,पर मैं… Read More
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शादी का असली मतलब 34
बात बहुत बढ़ जाती है उधर प्रिया भी बाहर आ जाती है ,और सारी बातें सुनती है कहती है ,ये… Read More
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देवदासी भाग 73
सुरुचि अपने ध्यान में मग्न है भगवान के सिवा अब कोई रास्ता नहीं दिख रहा न जाने अब उसका जीवन… Read More
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क्या बोलें ,कब बोलें
ये एक ऐसी दुविधा है जिसका कोई शमन नहीं की कब और क्या बोलें ,विवाद कम करने के लिए सोच… Read More
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सारी खुशियां अपने अंदर ही है बाहर कुछ भी नहीं
कहां जाते हो ,बाहर क्या खोजते हो ,क्या हमारा है किसने क्या ले लिया ,किस्से क्या ले लिया ,कोन हमारा… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 33
रूपा की मां नाराज होती है रघु की बातों से और वो पहले तो दुखी होती है और बाद में… Read More
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देवदासी भाग 72
सुरुचि को दासी दूध पीने को कहती है ,और कहती है खाने में क्या खाओगी ,आज वैध जी आएंगे तुम्हे… Read More
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देवदासी भाग 71
फिर रात होती है मंजूलता फिर अपनी मां से आगे की कहानी सुनाने को कहती है ,सुरुचि कहती है की… Read More
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ये सर्द हवाएं यादों को ताजा कर देती है
किसी की सिमटी हुई यादें ,किसी के दर्द भरे हालात। इस सर्दी की हवाएं बीता हुआ समय याद दिला देती… Read More
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देवदासी भाग 70
मंजूलता जल्दी से समान खरीदकर अपने घर जाती हैं और अपनी माई को सारी बात बताती है की एक कोढ़ी… Read More
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देवदासी भाग 69
मंजूलता ध्यान से मां की बात सुन रही थी ,दोनो आराम से सो जाती है ,सुबह मंजूलता अपनी मां को… Read More
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अमानवीय चीजों से खुद को बचाना
कुछ लोग अमानवीय कृत्य करते है ,सबको बुरा भला कहना ,सबको बेवकूफ बनाकर किसी की वस्तु को हड़पना ,शराब पीना… Read More
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अहिंसा खुद से भी न करें
दूसरों से अहिंसा पाप है ,किसी जीव की हत्या ,किसी से जबरन कोई वस्तु छीन लेना ये एक अहिंसा है… Read More
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बेहोशी का जाल
जब सुख होता है तो उसको भोगने के उपरांत हम सब बेहोश हो जाते हैं और ये भूल जातें है… Read More
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सुंदर सपना
जो खुली आंखों से देखा जाए वो सुंदर सपना है ,इनको देखो इनका भी कोई सपना होता होगा ,पर इन… Read More
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मेरे एहसास
जीवन में बहुत अहसास मुझे मिले मैने उनका सामना किया ,कभी भी सिर नहीं झुकाया परिस्थिति से , बिना लगे… Read More
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देवदासी भाग 68
मंजूलता अपनी मां की हर बात को सुन रही थी उसे अपनी मां की हरेक बात से एक नई सीख… Read More
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देवदासी भाग 67
दासी की बात सुनकर सुरुचि परेशान हो जाती है फिर भी सबकुछ भगवान के सहारे छोड़ कर फिर भजन गाने… Read More