anupama shukla

  • घबराहट

    सोच कर हमे नही घबराना चाहिए जब हम कोई नया काम करने जाते है तब हमे घबराहट होती है ,लेकिन… Read More

  • जीवन कोई खेल नहीं

    जीवन जीना चाहिए और कभी भी अपने जीवन पर अफसोस नही करना चाहिए जीवन एक खेल नहीं है ,एक अनुभव… Read More

  • चोट

    चोट देते हैं कुछ लोग पर पीछे से वार करते है ,कुछ भी यकीन नहीं होता इन लोगो पर पर… Read More

  • कोई फरियाद न कर

    ये दिल संभाल जा अब दिन गुजर चुके अब पहले वाले। निखर गया है मन अब पुरानी बातों से ,जो… Read More

  • जब भी मुझे नींद नही आती उसका एक ही कारण है

    मुझे कभी कभी रात में नींद नही आती है मन बैचन हो जाया करता है बिना वजह की गुजरी हुई… Read More

  • अकेलापन

    अब जब बूढ़े हो जाते है तो दुनिया दूर भागने लगती है ,कुछ तो भगवान को प्यारे हो जाते हैं… Read More

  • शादी का असली मतलब भाग 36

    रूपा की सास रूपा की पूरी जिम्मेदारी लेती है कहती हैं की मैं रूपा का ध्यान रखूंगी ,रूपा की। खुशी… Read More

  • देवदासी भाग 80

    दूसरे दिन सुबह ही सुरुचि तोते को देखती है तो तोता आंख खोलकर टक टक टक करके सुरुचि को देख… Read More

  • देवदासी भाग 79

    अब सुरुचि आगे बताती है की दासी ने उसे वचन दिया था की वो सुरुचि की मदद करेगी ,, नावां… Read More

  • देवदासी भाग 78

    रात होती है मंजूलता फिर अपनी माई से कहती है माई अब आगे क्या हुआ बताओ मुझे , सुरुचि आगे… Read More

  • देवदासी भाग 77

    अब दोनो उसे नहला धुला कर साफ करती हैं अपनी एक पुरानी धोती सुरुचि उसके लपेट देती है और उसे… Read More

  • देवदासी भाग 76

    सुबह होती है ,मंजूलता कुछ लकड़ियां काटकर लाती है ,और सुरुचि खाना बनाती है चूल्हा जल रहा होता है ,भात… Read More

  • देवदासी भाग 75

    मंजूलता अपनी मां की बात बहुत ध्यान से सुन रही थी और उसे बार बार उस कोढ़ी व्यक्ति की याद… Read More

  • मृत्यु में जाने वाले

    मृत्यु हमे अंधेरे की तरफ नही ले जाती ,हमे तकलीफकी तरफ नहीं ले जाती पर। हर तकलीफ से मुक्ति की… Read More

  • अपना वजूद

    अपना कोई वजूद नहीं ,किसका वजूद कहां से आएं है और कहां जाना है ये कोई नहीं जानता ,सुंदरता ,पैसा… Read More

  • देवदासी भाग 74

    वैध जी कहते है जो भगवान में मगन हो उसे बाधा नहीं पहुंचनी चाहिए,तुम्हारा स्वास्थ्य कैसा है,तुम्हे कोई चिंता या… Read More

  • मृत्यु ही अपनी सच्ची मित्र जो अपने साथ लेकर ही जाएगी

    जीवन साथ छोड़ देगा पर मृत्यु नहीं ,जीवन दगाबाज है पर मृत्यु नही ,जीवन कुछ भी देता है सब यहीं… Read More

  • वेदारंंभ।

    पढ़ाई लिखाई बहुत जरूरी है पर अपने बच्चों को अपने धर्म में क्या है , वेद ,पुराण और पुराणिक कथाएं… Read More

  • मैं कभी कभी अकेलापन दूर करने के लिए डांस करती हूं

    मैं कभी अपने आपको अकेला महसूस नहीं करती ,ब्लॉग में अपने विचार लिखती हूं ,सब पढ़ें सबको मेरे बारे में… Read More

  • लोग कितना कष्ट काटने के बाद निखरते है

    ये मेरी बुआ है जो हमारी कॉलोनी में हम लोगो की पड़ोसी थी बहुत सीधी साधी सरल ,पढ़ी लिखी भी… Read More

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