anupama shukla
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शादी का असली मतलब भाग 11
रूपा काम कर रही होती है तभी रघु वहां पर आ जाते है ,और जोर से चिल्लाकर कहते है की… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 10
रघु बहुत ही खुश है रूपा को कोई दुख नहीं उसने अपनी परिस्थितियों से अनुकूलन कर लिया ,उसको ऐसी ही… Read More
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देवदासी भाग 30
पुरोहित ,मंजूलता के कमरे में जाकर देखते है ,वहां मंजूलता नहीं मिलती ,पुरोहित परेशान हो जाते हैं ,रोने लगे बोले… Read More
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समझी न उसकी भावना उसने
देखते थे वो जी भरकर ,आंखे गुलाबी हो जाती। मूंछों पर वो ताव देकर पूछते थे ,उसकी खैरियत। उनके रंग… Read More
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दुल्हन का व्रत भाग 12
फिर रुखसाना अपने कमरे में सोने चली जाती , दादी भी सो जाती रुखसाना इसी तरह रोज बर्तन मांजती ,घर… Read More
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सोचने समझने में इतना वक्त क्यों बर्बाद करते है हम लोग
कोई छोटा काम भी करना होता है तो हम लोग कभी कभी उस काम के लिए इतना अधिक सोंचविचार करने… Read More
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कुछ लोग हमेशा याद रहते है ,
महिलाएं महिलाओं को आगे बढ़ने मैं खुद ही मदद नहीं करतीं ,कहीं कहीं पर मैने भी देखा है जब मैं… Read More
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मेरी कालोनी की सत्य घटनाएं
मैं जो कुछ भी लिखती हूं ज्यादातर सत्य घटनाओं पर आधारित रहता है , मैं मानती हु की कुछ घटनाएं… Read More
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दुल्हन का व्रत भाग 11
बड़ी जीठानी ,छोटी ननद से कहती है जाओ रुखसाना को बुला लाओ , ननद लेकिन भाभी ,दादी ने मना किया… Read More
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देवदासी भाग 29
उधर मंदिर में मंजूलता के सजा के दिन पूरे हो जाते है ,अब पुरोहित जी कहते है की सजा के… Read More
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अपनी अपनी कहानी और प्रकृति की गोद
सुना है सबकी अपनी अपनी कहानी है ,सच ही है ,हरेक के जीवन में एक नई कहानी छिपी हुई है… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 9
ठीक है कोई बात नहीं समधी जी मैं जा रही हूं और वो सारी बात रघु को बताती है ,रघु… Read More
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कालीघाट में मंदिर के पीछे का धंधा
कालीघाट एक धार्मिक स्थल है ,मैं वहां पर अक्सर जाया करती हूं ,सुबह से दोपहर का समय तो पूजा अर्चना… Read More
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कोलकाता के कालीघाट मंदिर में ये कैसी निर्मम हत्या
कोलकाता के एक होटल में मैं गई ,वहां पर महंगा भी है ,सस्ता भी है ,300 रू से 5000 रु… Read More
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कैसे समझाऊं
एक बार समझने से नही समझता है। रोकने से भी नहीं रुकता है। जब कोई एक दो बार समझाने से… Read More
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मुझको इस रात की तन्हाई में आवाज न दो
दिल में खामोशी है तराशी है जुबा ने मेरी। नजरो ने हकीकत तक छिपाई है उसूलों की तरह। अब एक… Read More
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दूर से देखा तो तुम ना नजर आए
दिल में छुपे हो तुम ,पहचान नहीं पाए। दूर से देखा तुमको तो हम पा भी नहीं पाए। धड़कन मेरी… Read More
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उसकी गलती ,कोन सी गलती
सीधी साधी सविता रोज़ अपने घर में काम काज करती ,मां को गुजरे सात साल हो गए ,पढ़ाई भी नहीं… Read More
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गलतफहमी दिमागी कीड़ा है
गलतफहमी नाम का कीड़ा अगर किसी के भी दिमाग में भी घुस गया तो उसको निकालना असंभव ही नहीं नामुमकिन… Read More