anupama shukla
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कच्चे केले का सेवन बहुत ही लाभकारी
कच्चा केला हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है,विशेषकर मधुमेह ,पीलिया ,लीवर के रोगियों के लिए ये रामबाण साबित… Read More
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किसी में खूबी मत खोजिए ,कमी आपमें भी है
लोग दूसरे में खूब खूबी खोजते हैं जरा सी कमी वाला इंसान उन्हें पसंद नहीं होता पत्नी खोजेंगे तो सर्वगुण… Read More
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सनकी पन एक मानसिक बीमारी
कुछ लोग बड़े सनकी होते है उनके मन में सारा दिन क्या क्या चलता रहता है , क्युकी उनके पास… Read More
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अटकी हुई सांसे
जब किसी की सांस रुकती है तो उसे बहुत ही उलझन होती है,मरते समय अगर किसी की सांस अटकती है… Read More
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उड़ती हुई यादें
यादें एक उड़ती हुई चिंगारी की तरह है ,अगर अच्छी याद है तो हमारी जिंदगी में रोशनी ला देती है… Read More
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गहन चिंतन करें ,जब आप अकेले हो
आजकल बहुत ही चिंता हमारे दिमाग में रहती है ,अपना स्तर ऊंचा करने के लिए सबमे होड़ मची हुई है… Read More
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अनुकूलन प्रकृति से पहले ,बाद में लोगो से
प्रकृति से अनुकूलन करना सबसे बेहतर है ,प्रकृति की ताजी हवा में सांस लेना ,हर मौसम में अपने आपको ढालना… Read More
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मन पर घाव ,
सब घाव तो मिट जाते है लेकिन मन पर लग घाव कभी नहीं मिट सकता ,बल्कि हम ही मिट जाते… Read More
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कैसे खाओगे रोटियां गरम गरम
कन्या की हत्या करवा देते है लड़की को पैदा होने से पहले ही मरवा दिया जाता है ,लड़की को अभिशाप… Read More
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घरेलू हिंसा
आज भी चहारदीवारी के अंदर महिलाएं सताई जाती हैं,कहने को पढ़े लिखे समाज हो गए है पर महिलाओं पर हाथ… Read More
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उम्र के अनुसार विचारों और प्रकृति में परिवर्तन
सब लोग जानते हैं की जेसी उम्र होती है वैसे ही विचार अपने मन में आते है जब हम बहुत… Read More
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बचपन को जिंदा रखिए
ज्यादा सोचना और गंभीर होना अच्छा नहीं है ,जो ज्यादा सोचते है और गंभीर रहते है वे जल्दी बीमार पड़ते… Read More
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समय की धारा
समय का ऐसा बहाव है जो कभी रोक भी नहीं रुकता इसलिए हम लोग समय के अनुसार चलें ,समयानुसार अपना… Read More
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देवदासी भाग 6
ठाकुर साहब को सब एक मंदिर में ले जाते है ,बहुत तेज बारिश होने लगती है ,मंदिर का पुजारी ठाकुर… Read More
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दुल्हन का व्रत भाग 2
वो दुल्हन नमाज पढ़ने बैठ जाती है ,उसको अपने कमरे में 5 बार कमरे में नमाज पढ़ने के लिए जाना… Read More
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भंवर में कभी कभी
होने को तो कुछ भी हो सकता है , हम लोग ये सोंचतें है की मैं अपने आपको बचा लूंगा… Read More
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जैसी प्रकृति वैसी ही किस्मत
हाय राम कितनी धूप है ,कहीं पानी भी नहीं है , पेड़ की छांव भी नही है कितना पसीना आ… Read More
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कितना बदलूं मैं अपने आपको
मैं लोगो के अनुसार ढल गई,सबकी पसंद की बनने के लिए मैने बहुत कुछ किया ,अपनी खुशियों को दफन किया… Read More