anupama shukla
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देवदासी भाग 11
मंजुलता के सारे साथी ,सहेलियां बहुत परेशान है की मंजूलता को बिना अपराध दंड मिल रहा है ,इतनी छोटी सी… Read More
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प्रत्यक्ष रूप
हम सबको प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख सकते ,सिर्फ आंखो से ही देख सकते है ,और भी कितने रहस्यमई दुनिया… Read More
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कर्ज भरा जीवन
चढ़ता है किसी न किसी का कर्ज हम पर ,कोई जन्म देता है तो कोई पालता है ,कोई बड़ा करता… Read More
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दुर्बल हृदय
दुर्बल बनकर मत रहो ये पत्थरों का आशियाना है यहां तो आना जाना भी एक बहाना है, कुढ़ कुढ़ कर… Read More
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जिंदगी एक जुआ
जिंदगी एक जुआ है ,कुछ मिल जाता है कुछ मिलना अधूरा सा है ,आगे की बात मत सोंचो ,अभी क्या… Read More
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मां का कर्ज कभी नही चुक सकता
तपती धूप में भूखी काम करती है एक मां अपने बच्चे का पेट भरने के लिए दिन क्या है रात… Read More
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अज्ञानता एक अंधकार है
ज्ञान वो प्रकाश है जो हमे और हमारे आसपास के वातावरण को प्रकाशित करता है,ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती… Read More
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देवदासी भाग 10
पुजारी जी का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ जाता है वो जोर से चिल्लाते है ,तूने मंदिर के एक नियम… Read More
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कल्पवृक्ष नहीं ये जिंदगी
जो मांगो आसानी से मिल जाए ,बिना मेहनत के सब निधि मिल जाए ,सुख मिल कर , दुखों की कभी… Read More
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देवदासी भाग 8
लेकिन किसी को कुछ पता नही होता की वो कोन थी जो ठाकुर साहब के पट्टी बांध कर गई मंदिर… Read More
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बेवजह की चिंता
अवश्य मिलेगा समाधान बस एक काम करना है की हमे अपना ध्यान भी रखना है ,खाने पीने का सोने का… Read More
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देवदासी भाग 9
देवदासी प्रथा आज के युग में घोर अपराध है किसी लड़की या महिला को जबरजस्त तरीके से प्रताड़ित करके आज… Read More
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देवदासी भाग 7
ठाकुर साहब के माथे से खून निकल रहा है ,वैध जी का घर मंदिर से बहुत दूर है ,आते आते… Read More
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कोई नाचीज़ वस्तु का मिल जाना जो कभी सोंची भी नहीं
कुछ लोगों को कुछ ऐसी वस्तु जीवन में बिना कुछ मेहनत किए मिल जाती है जिससे वे लोग बहुत इतराने… Read More