दारू

कितनी अराजक तत्वों से भरी है ये दारू। सारे रिश्ते नाते भी पी जाती है ये दारू। बहन क्या है ,बेटी क्या है सबकुछ भुला देती है दारू। क्या मिलता है इसको पीने में। इससे तो मार जाना है इस इंसान का क्या मतलब है जीने में। कुछ गम भुलाने के लिए ये जहर पीते है। कुछ शानो शौकत दिखाने के लिए इसे पीते है। ये आखिर किस चीज की दवा है। बुद्धि खराब करती है। जख्म देती है। जीने की वजह ही नही है ये दारू। इंसान का खून पीती ये एक डायन है। बच्चो की खुशियां छीनती एक लुटेरिन है। पूरे घर को पूरी जिंदगी को बरबादी की कगार पर पहुंचा देती है ये दारू

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