
कितनी खाली खाली जिंदगी होती होगी उसकी जिसके जीवन में पिता का साया नहीं रहता ,पिता का हाथ एक ऐसा मजबूत रिश्ता होता है ,की ऐसा प्रतीत होता है की हम लोग एक सुरक्षा कवच में हूं ,कोई मेरा कुछ नही बिगाड़ सकता ,एक हाथ सर पर रहता है , पढ़ने जाते है तो पापा फीस जमा करने आते है ,स्कूल में इंतजार धूप में खड़े होकर अपने बच्चे का करते है की कब छुट्टी हो कब उसे घर ले जाऊं,परीक्षा दिलाने भी पापा ही जाते है ,अपनी मनपसंद चीज भी पापा अपनी इच्छाएं मारकर करते है ,जेब में पैसे न होते हुए भी कुछ भी करके हमारा मन रखते है,उनकी गुस्सा में भी एक प्यार है ,एक तरफ कहते है की ये पढ़ता नहीं है आज इसको खाना मत देना ,दूसरी तरफ चुपके से कहते है की इसमें खाना खाया ,कही बच्चे को आने में देर हो गई तो घर के दरवाजे पर एक पैर से खड़े रहते है ,बार बार फोन करवाते है की पता करो कहा है
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